+190
कल से कल तक में आज को ढूँढ रहा हूँ। जीवन के बीते पलो को, आज में खोज रहा हूँ। शायद वो पल मुझे आज में मिल जाये।। बीत हुआ समय, कभी लौटकर नहींआता। मुंह से निकले शब्द, कभी वापिस… Read More
कही दीप जल रहे है तो कही छाय पढ़ रही है। कही दिन निकल रहा है तो कही रात हो रही है। मोहब्बत करने वालो को क्या फर्क पड़ता है। क्योंकि उन दोनों के तो दिल से दिल मिल गये… Read More
जब भोर हुए आना, जब शाम ढले आना। संकेत प्रभु का, तुम भूलना जाना, जिनेन्द्रालाय चले आना। जब भोर हुए आना, जब शाम ढले आना।। मैं पल छीन डगर बुहारूंगा, तेरी राह निहारूंगा। आना तुम जिनेन्द्रालाय दर्शन को , करना… Read More
तुम हो कलयुग के भगवान गुरु विद्यासागर। तुम हो ज्ञान के भंडार गुरु विद्यासागर। हम नित्य करें गुण गान गुरु विद्यासागर।। बाल ब्रह्मचारी के व्रतधारी संयम नियम के महाव्रतधारी। तुम हो जिनवाणी के प्राण गुरु विद्यासागर। हम नित्य करे गुण… Read More
पानी है अनमोल, समझो इसका मोल। जो अभी न समझोगे, तो सिर्फ पानी नाम सुनोगे।। आने वाले वर्षों में, पानी बनेगा एक समस्या । देख रहे हो जो भी तुम, अंश मात्र है विनाश का। जो दे रहा तुमको संकेत।… Read More
कौन कहता है कि, इंसान ज़िंदा है मुखौटे में उसके तो, शैतान ज़िंदा है कहने की बात नहीं हक़ीक़त है ये, कि दिल के अंदर, शमशान ज़िंदा है यारो गुज़र गए वो ईमां के लम्हात, अब तो हर तरफ, बे-ईमान… Read More
नकाब पर नकाब है, जनाब जिंदगी काटों भरा गुलाब है, जनाब जिंदगी दिन में दिखा देती है अँधेरा आजकल अजीब आफ़ताब है, जनाब जिंदगी अकसर मिला करती है बेवफाई बेशुमार कहने को लाजवाब है, जनाब जिंदगी दलान से दहलीज़ और… Read More