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kise dhundh rahe ho

कविता : किसे ढूँढ रहें हो

कल से कल तक में आज को ढूँढ रहा हूँ। जीवन के बीते पलो को, आज में खोज रहा हूँ। शायद वो पल मुझे आज में मिल जाये।। बीत हुआ समय, कभी लौटकर नहींआता। मुंह से निकले शब्द, कभी वापिस… Read More

moon light

कविता : पूर्णिमा का चांद

कही दीप जल रहे है तो कही छाय पढ़ रही है। कही दिन निकल रहा है तो कही रात हो रही है। मोहब्बत करने वालो को क्या फर्क पड़ता है। क्योंकि उन दोनों के तो दिल से दिल मिल गये… Read More

niyamit mandir jaayen

गीत : नियमित मंदिर जाए

जब भोर हुए आना, जब शाम ढले आना। संकेत प्रभु का, तुम भूलना जाना, जिनेन्द्रालाय चले आना। जब भोर हुए आना, जब शाम ढले आना।। मैं पल छीन डगर बुहारूंगा, तेरी राह निहारूंगा। आना तुम जिनेन्द्रालाय दर्शन को , करना… Read More

vartamaan ke vardhamaan vidyasagar

गीत और भजन : वर्तमान के वर्धमान विद्यासागर

तुम हो कलयुग के भगवान गुरु विद्यासागर। तुम हो ज्ञान के भंडार गुरु विद्यासागर। हम नित्य करें गुण गान गुरु विद्यासागर।। बाल ब्रह्मचारी के व्रतधारी संयम नियम के महाव्रतधारी। तुम हो जिनवाणी के प्राण गुरु विद्यासागर। हम नित्य करे गुण… Read More

water is precious

गीत : पानी है अनमोल

पानी है अनमोल, समझो इसका मोल। जो अभी न समझोगे, तो सिर्फ पानी नाम सुनोगे।। आने वाले वर्षों में, पानी बनेगा एक समस्या । देख रहे हो जो भी तुम, अंश मात्र है विनाश का। जो दे रहा तुमको संकेत।… Read More

insaaniyat

कविता : कौन कहता है कि इंसान ज़िंदा है

कौन कहता है कि, इंसान ज़िंदा है मुखौटे में उसके तो, शैतान ज़िंदा है कहने की बात नहीं हक़ीक़त है ये, कि दिल के अंदर, शमशान ज़िंदा है यारो गुज़र गए वो ईमां के लम्हात, अब तो हर तरफ, बे-ईमान… Read More

zindagi

ग़ज़ल : ज़िंदगी

नकाब पर नकाब है, जनाब जिंदगी काटों भरा गुलाब है, जनाब जिंदगी दिन में दिखा देती है अँधेरा आजकल अजीब आफ़ताब है, जनाब जिंदगी अकसर मिला करती है बेवफाई बेशुमार कहने को लाजवाब है, जनाब जिंदगी दलान से दहलीज़ और… Read More