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कविता : मेरे यार

याद रखना तुम मुझसे करते हो प्यार। याद रखना तुम आओगे मिलने इस बार।। तड़पता हूँ सोया नहीं, मुस्कुराना मैं भूल गया। हंसता था सदा, कहना मैं भूल गया।। याद रखना अब से मैं खामोश हूं यार।।। याद रखना तुम… Read More

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व्यंग्य : बिनोद बावफ़ा है

“अक्ल को तन्कीद से फुर्सत नहीं इश्क़ पर आमाल की बुनियाद रख” हाल ही में एक फ़िल्म आयी है चमनबहार जिसमें नायक अपनी जीतोड़ मेहनत सी की कमायी गयी अल्प पूंजी पर अपने मन के उदगार लिखते हुए लिखते हुए… Read More

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आखिरकार कांग्रेसियों की कुंभकर्णी नींद टूटी

देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस अभी अपने सबसे बुरे दिनों से गुजर रही है। इसके कई कारण गिनाए जा सकते हैं लेकिन एक बड़ा कारण यह भी है कि कांग्रेस में लोकतांत्रिक ढंग से पार्टी में पदाधिकारियों के… Read More

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कविता : खेल

खेल में नहीं होता हैं कोई हिन्दू मुसलमान खेल में नहीं होता हैं ऊँचा नीचा महान खेल हैं सद्भावना मिल जाता हैं जिसमें सभी खेल में बन जाता हैं इंसान बस इंसान खेलने वालों ने दुनियाँ एक कर दी खेलकर… Read More

sheesh jhuka k to dekho

भजन : शीश झुका के देखो

तुम्हें दिल लगी भूल जाने पड़ेगी। गुरु चरणों में शीश झुका के तो देखो। तुम्हे दिल लगी भूल जाने पड़ेगी। प्रभु चरणों में शीश झुका के तो देखो। तुम्हे दिल लगी भूल जाने पड़ेगी। णमोकार मंत्र को जपके तो देखो।… Read More

corona kaal

कविता : कोरोना काल

जन सभाएं चल रही, शिक्षा के मंदिर बंद। कैसा कोरोना काल है, निर्णय भी मतिमंद। भाषण पे भाषण दिए, बच्चें घूमते खोर। सत्ता भी मजबूत हो, बच्चों पर दो जोर। जब बसें पूरी भरें, चलती क्यों न रेल। बाजार यहाँ … Read More