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rosni

कविता : मानव-धर्म आबाद रहे

अब तो कर दो प्रभुजी किरपा, मानव-धर्म को सजा सकूँ । धर्म कभी ना कट्टर होवे , मानव-मानव से बचा सकूँ । अब तो कर दो…… पीड़ित भी हूँ ,कुंठित भी हूँ, मन भी मेरा सुलग रहा । मानव-मानव को,… Read More

dhup

कविता : इंसान की जिंदगी

इंसान ही इंसान को लाता है। इंसान ही इंसान को सिखाता है। इंसान ही इंसानियत समझता है। इंसान ही इंसान को मिटाता है।। देखो कही धूप कही छाव है कही ख़ुशी कही गम है। फिर भी इंसान ही क्यों इस… Read More

nirchawar

कविता : खरा उतरु

धरा पर जन्म लेकर किया उपकार जो तुमने। बहुत से पापीयों का किया संग्रहार जो तुमने। इसलिए तो धरा पर बनी है आस्था अब तक। और करते है पूजा-भक्ति लोग हर त्यौहार पर।। पूजते है तुझे हर मजहब के लोग।… Read More

kalpana

कविता : मौसम से याद आई

बदलते मौसम का अंदाज बहुत ही रंग लाता है। फिर पूरे वायु मंडल में घटायओं को बिखेर देते। तभी तो पेड़ पौधे फूल सभी लहरा उठते है। और मंद मंद हवाओं से बिखेर देते है खुशबू को।। नजारा देख ये… Read More

mohabbat

कविता : दिल डोलता है

तेरे हाव भाव देखकर मेरा दिल डोल रहा है। और तेरी आँखो में स्वयं को देख रहा।। इसलिए दिल के अंदर अजीब सी बेचैनी है। समझ में हम लोगों को क्या कुछ आ रहा। या फिर जवानी में ये सब… Read More

sikh

कविता : जीना सीख

हर पल खुलकर जीना है, खुशियां और कहीं ना है, औरों की सुनना छोड़ दे, तू खुदमे एक नगीना है। तुझे ना मिलने का गिला भी है, जो चाहिए था वो मिला भी है, रहता है सुकून से झोपड़ी मे,… Read More

satiya

कविता : सत्य की खोज़ में

फैलें दुनिया में निर्मल संघ सत्य की खोज़ें जारी रहें अंगुली मालों को बदलने की शक्ति हर बुद्ध के अधीन में आ जावें निकलें हर दिल से सुख विचार शांति दें संसार को सत्संग विहार, मंटप हों जहाँ-तहाँ मिले लोग… Read More

samaj

कविता : शांति की राह में..

तलवार से अगर जीत मिलता तो सबके हाथों में तलवार होते हैं, मनुष्य नहीं, हर जगह हिंस जंतु रहेंगे। छीनना, झपटना, स्वार्थ का रूप है हिंसा कभी भी स्वीकार्य नहीं है ‘विजय’ तलवार व बंदूक से कभी भी नहीं हो… Read More

rat

कविता : चलो.. सीख मिलती है ..चलना कैसे?

चलते हैं लोग दुनिया में कभी तेज, कभी चुस्त कभी सीमाओं के अंदर, कभी सीमाओं को पारकर जो अंधेरे में होते हैं, कोई सहारा नहीं जिसका वे चलते हैं धीरे – धीरे, सब लोग चलते हैं रोशनी में लेकिन बहुत… Read More