फिर वही क़िस्सा सुनाना तो चाहिए फिर वही सपना सजाना तो चाहिए यूँ मशक़्क़त इश्क़ में करनी चाहिए जाम नज़रों से पिलाना तो चाहिए अब ख़ता करने जहाँ जाना चाहिए अब पता उसका बताना तो चाहिए दिल जगाकर नींद में… Read More
फिर वही क़िस्सा सुनाना तो चाहिए फिर वही सपना सजाना तो चाहिए यूँ मशक़्क़त इश्क़ में करनी चाहिए जाम नज़रों से पिलाना तो चाहिए अब ख़ता करने जहाँ जाना चाहिए अब पता उसका बताना तो चाहिए दिल जगाकर नींद में… Read More
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।। जय माता दी। इस नवरात्रि मां दुर्गा आपको सुख समृद्धि वैभव और ख्याति प्रदान करें। +30
गणेश जी का रूप निराला हैं, चेहरा भी कितना भोला भाला हैं, जिसे भी आती हैं कोई मुसीबत, उसे इन्ही ने तो संभाला हैं। आप सभी को साहित्य सिनेमा सेतु परिवार के तरफ से गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ ।… Read More
‘स्त्री परिधि के बाहर’ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपद सोनभद्र की रहने वाली डॉ. संगीता की 2021 में प्रकाशित आलोचनात्मक पुस्तक है। इस पुस्तक में उन्होंने हिंदी साहित्य में स्त्री आत्मकथा का विवेचन व विश्लेषण किया है तथा हिंदी साहित्य… Read More
कहानी या उपन्यास लिखना मेरे लिए सिर्फ़ लिखना नहीं है, एक प्रतिबद्धता है। प्रतिबद्धता है पीड़ा को स्वर देने की। चाहे वह खुद की पीड़ा हो, किसी अन्य की पीड़ा हो या समूचे समाज की पीड़ा। यह पीड़ा कई बार… Read More
सुर साम्राज्ञी, स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर हमारे बीच सदा युगों-युगों तक अपने गीतों के माध्यम से उपस्थित रहेंगी। संगीत का मतलब लता मंगेशकर कहें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। या यूँ कहें कि संगीत का जब भी नाम लिया… Read More
अंतरराष्ट्रीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम समाज, संस्कृति और विश्वबोध 16 से 22 फरवरी 2022 समय : दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे पंजीकरण की अंतिम तिथि : 12 फरवरी 2022 लिंक : https://bit.ly/3qGXFxG +400
केंद्रीय हिंदी संस्थान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद तथा विश्व हिंदी सचिवालय के तत्वावधान में वैश्विक हिंदी परिवार द्वारा हिंदी और उसकी बोलियों का अंतर्संबंध विषयक ई-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, वर्धा के… Read More
नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया में विश्व हिन्दी दिवस मनाये जाने का यह अनवरत आठवां साल चल रहा है। 2015 में आप्रवासी हिन्दी साहित्यकार सरन घई (कनाडा), 2017 में रामदेव धुरंधर (मारीशस) तथा 2018 में तेजेंद्र शर्मा (ब्रिटेन) तथा 2019 में… Read More