satiya

कविता : सत्य की खोज़ में

फैलें दुनिया में निर्मल संघ सत्य की खोज़ें जारी रहें अंगुली मालों को बदलने की शक्ति हर बुद्ध के अधीन में आ जावें निकलें हर दिल से सुख विचार शांति दें संसार को सत्संग विहार, मंटप हों जहाँ-तहाँ मिले लोग… Read More

samaj

कविता : शांति की राह में..

तलवार से अगर जीत मिलता तो सबके हाथों में तलवार होते हैं, मनुष्य नहीं, हर जगह हिंस जंतु रहेंगे। छीनना, झपटना, स्वार्थ का रूप है हिंसा कभी भी स्वीकार्य नहीं है ‘विजय’ तलवार व बंदूक से कभी भी नहीं हो… Read More

rat

कविता : चलो.. सीख मिलती है ..चलना कैसे?

चलते हैं लोग दुनिया में कभी तेज, कभी चुस्त कभी सीमाओं के अंदर, कभी सीमाओं को पारकर जो अंधेरे में होते हैं, कोई सहारा नहीं जिसका वे चलते हैं धीरे – धीरे, सब लोग चलते हैं रोशनी में लेकिन बहुत… Read More

time

काव्य : क्या कमाया

संसार-सागर सिर्फ समय-सराय , परमात्मा से बिछड़, आत्मा यहां आय। पार्थिव तत्वों को उसने ही गूँथकर, घररूपी नश्वर शरीर बनाया । हाथ खुले रखकर है जाना , फिर क्यों सोचे..? कि क्या तूने कमाया ..? पाने से ज्यादा तू खोकर… Read More

mira

कविता : अब कौन सा रंग बचा साथी

संबंधों की सब हरियाली सूखी जीवन हो जैसे इक बलि वेदी गलना ,ढहना,तिल -तिल मरना जीवन ने चुना मृत्यु का गहना उम्मीद न रही कोई भी बाकी अब कौन सा रंग बचा साथी मन मंदिर की मूरत खंडित की निरपराध… Read More

orkit

कविता : कहानी फूलों की

नजारा देखकर यहाँ का दिल रुकने को कहता है। फूलो के बाग में देखो भवरा कुछ कहता है। तभी तो झूलते फूलों से महक बहुत आती है। जो मोहब्बत करने वालों को बहुत लूभाते है।। देखो तो फूलों की किस्मत… Read More

yadee(1)

कविता : अंजान की खोज

मोहब्बत करने वाले अंजाम से नहीं डरते। जब मिल जाते है उनके किसीसे अंजान से नैन। तो दिलमें आग सी उनके अंदर लग जाती है। फिर उसी आगे के पीछे लगा देते अपना जीवन।। मोहब्बत वो नशा है जिस पर… Read More

yade

कविता : नहीं जाना दुनियाँ को

किसी के दर्द को तुम कभी मेहसूस करो तुम। तो जिंदगी की सच्चाई तुम्हें समझ आयेगी। तभी तुम दुनियाँ को सही में जान पाओगें। फिर हो सकता की तुम खुदको पहचान पाओगें।। बहुत जालीम है लोगों हमारी ये दुनियाँ। जिसे… Read More

love(2)

कविता : राह आसान नहीं

हो अगर रात सुहानी तो दिन सुहाना लगता है। हर किसी की किस्मत में ये लम्हा कहाँ आता है। ये तो शुक्र है मोहब्बत का जिसके कारण ये लम्हें आते है। कुछ की जिंदगी साभर जाती तो कुछ की बिगड़… Read More

dil(1)

कविता : कल के चलते

जिंदगी गुजर गई कल के इंतजार में। पर आज तक तो कल आया ही नहीं। दुनियाँ के इतिहास में कल कभी आया नहीं। क्योंकि कल किसी के जीवन में आयेगा ही नहीं।। कल के चक्कर में न जाने कितने काल… Read More