मेरे आंसुओ की कीमत, कोई क्या समझेगा। लगे है घाव जो दिल पर, उन्हें कोई क्या समझेगा। क्या कोई मेरे घावों पर, मलहम आ कर लगाएगा। मेरे दुखते हुए दिल को, कोई तो धैर्य बंधायेगा।। दिल की धड़कने मेरी, बहुत… Read More
मेरे आंसुओ की कीमत, कोई क्या समझेगा। लगे है घाव जो दिल पर, उन्हें कोई क्या समझेगा। क्या कोई मेरे घावों पर, मलहम आ कर लगाएगा। मेरे दुखते हुए दिल को, कोई तो धैर्य बंधायेगा।। दिल की धड़कने मेरी, बहुत… Read More
रेत पर नाम लिखने से क्या होगा। क्या उसको संदेश तुम दे पाओगे । जब वो आये यहां पर घूमने को , उसे पहले कोई लहर आ जायेगी। जो तुम ने लिखा था संदेश। उसे लहर बहाकर ले जाएगी। रेत… Read More
आये दिन अख़बारों में इश्तहार आते रहते हैं कि घर से काम करो ,घण्टों के हिसाब से कमाओ,डॉलर,पौंड में भुगतान प्राप्त करो।जिसे देखो फेसबुक,व्हाट्सअप पर भुगतान का स्क्रीनशॉट डाल रहा है कि इतना कमाया,उतना माल अंदर किया ।महीने भर की… Read More
तुम्हें कैसे रंग लगाए, और कैसे होली मनाए? दिल कहता है होली, एकदूजे के दिलों में खेलो। क्योंकि बहार का रंग तो, पानी से धूल जाता है। पर दिल का रंग दिल पर, सदा के लिए चढ़ा जाता है।। प्रेम… Read More
आओ हम सब, मिलकर मनाएं होली। अपनों को स्नेहप्यार का, रंग लगाये हम। चारो ओर होली का रंग, और अपने संग है। तो क्यों न एकदूजे को, रंग लगाए हम। आओ मिलकर मनाये, रंगो की होली हम।। राधा का रंग… Read More
*क्योंकि मैं सत्य हूं* मैं कल भी अकेला था आज भी अकेला हूं और संघर्ष पथ पर हमेशा अकेला ही रहूंगा मैं किसी धर्म का नहीं मैं किसी दल का नहीं सम्मुख आने से मेरे भयभीत होते सभी जानते हैं… Read More
तेरी तस्वीर को, सीने से लगा रखा है। और तुझे अपने, दिल में बसा रखा है। इसलिए तो आंखे, देखने को तरसती है।। दिल तेरा है, पर हक तो मेरा है। क्योंकि तुमने मुझे, अपना दिल जो दिया है। मेरा… Read More
“आत्मा की अधूरी प्यास है” – पुरुष तन में फँसा मेरा नारी मन प्रत्येक भगवान और देवी का हिंदू धर्म में गहरा महत्व है जो प्राचीन शास्त्रों में परिलक्षित होता है। हाल के दिनों में, हिंदुओं के लिए, देवी लक्ष्मी… Read More
जन्मी तो अलग तरह से सूचना दी गई ताकि सब जान सकें कि घर में आ गई है कुलच्छिनी मातम मना घर भर में पूरे पाँच साल दोयम दर्जे के स्कूल जाती रही बड़ी होकर समझदार हुई तो इसी में… Read More
मान मिले सम्मान मिले, नारी को उच्च स्थान मिले। जितनी सेवा भक्ति वो करती। उस से ज्यादा सम्मान मिले। यही भावना हम भाते, की उसको यथा स्थान मिले।। कितना कुछ वो, दिनरात करती है। घर बाहर का भी देखा करती… Read More