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ghazal tumse hi payar hoga

ग़ज़ल : तुमसे ही प्यार होगा

नासूर का तु कब तक यूं हीं शिकार होगा नासूर को भी इक दिन तुमसे ही प्यार होगा तुम पे न हक़ ज़तायें कहती हो ग़र मिरी जां तो ख्वाब में ही कम से कम इख़्तियार होगा दिखती ही वो… Read More

ghazal sirf tum-mere

ग़ज़ल : तुम सिर्फ़ मेरी

किस तरह शब-ओ-सुबह कह दूं तुम्हें तुम सिर्फ़ मेरी तुम दो तो कोई वजह कह दूं तुम्हे तुम सिर्फ मेरी ग़म – ए – गेसू की ये तह कह दूं तुम्हे तुम सिर्फ़ मेरी तुम ख़ुदा हो किस तरह कह… Read More

poem love is not easy

कविता : इश्क आसान नही

क्यों एक पल भी तुम बिन रहा नहीं जाता। तुम्हारा एक दर्द भी मुझसे सहा नहीं जाता। क्यों इतना प्यार दिया तुमने मुझ को। की तुम बिन अब जिया नहीं जाता।। तुम्हारी याद आना भी कमाल होता है। कभी आकर… Read More

गीत : वियोग

इस अस्त व्यस्त से,  भरे माहौल में। पत्नी बच्चे आशा, लागाये बैठी है। की कब आओगे, अपने घर अब तुम। अब तो आंखे भी, थक गई है। तुम्हारे आने का, इंतजार करते करते।। महीनों बीत गए है, तुम्हें देखे बिना। बच्चे… Read More

कविता : गुलाब हो या दिल

मेरे दिल में अंकुरित हो तुम। दिल की डालियों पर खिलते हो। और गुलाब की पंखड़ियों की तरह खुलते हो तुम। कोई दूसरा छू न ले तुम्हें इसलिए कांटो के बीच रहते हो तुम। फिरभी प्यार का भंवरा कांटों के… Read More

kavita wah janta hi nahi

कविता : वह जानता ही नहीं

बकरे को उसने बड़ी दुलार से पाला – पोसा किया विश्वास की कोमल जगह पर उसे बलि चढ़ा दी निर्ममता से, मालिक का यह दुलार नाटक वह नादान जान नहीं पाया उसके हर बात को वह मिमियाता रहा, सिर हिलाता… Read More

poem manaw es jag me

कविता : मानव जग में

कभी – कभार हम अपनों से, अपना समझनेवालों से भी पराये हो जाते हैं दूर से दूर से हम देखे जाते हैं यह नियति है जीवन की एक दूसरे से मिलना, सारे बंधनों से अलग हो जाना, मानवीय भावनाओं को… Read More