देहिनोsसिमन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा। तथा देहान्तर प्राप्तिधीर्रस्तत्र न मुह्यति ।। देहधारी इस मनुष्य शरीर में जैसे बालकपन, जवानी और वृद्धावस्था होती है , ऐसे ही देहान्तर की प्राप्ति होती है । उस विषय में धीर मनुष्य मोहित नहीं होता… Read More
देहिनोsसिमन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा। तथा देहान्तर प्राप्तिधीर्रस्तत्र न मुह्यति ।। देहधारी इस मनुष्य शरीर में जैसे बालकपन, जवानी और वृद्धावस्था होती है , ऐसे ही देहान्तर की प्राप्ति होती है । उस विषय में धीर मनुष्य मोहित नहीं होता… Read More
जहाँ ये खड़े हो जाते हैं लाइन वहीं से शुरू होती है। अभिनय की दुनिया में सारे जंजीरों को तोड़ते हुए लोकप्रियता की ऐसी दीवार खड़ी कर दी है इन्होंने जिसके पार जा पाना मुश्किल ही नहीं अब नामुमकिन सा… Read More
हिंदी सिनेमा में किंग ऑफ रोमांस के नाम से मशहूर निर्माता/निर्देशक यश चोपड़ा जी का आज जन्मदिवस (27 सितम्बर 1932 – 21 अक्टूबर 2012) है। हिन्दी सिनेमा में बतौर पटकथा लेखक एवं निर्माता और निर्देशक, के रूप में यश चोपड़ा… Read More
सबरंग 2019 में खेसारीलाल की फिल्मों का जलवा, संघर्ष को 12 अवार्ड्स, मां तुझे सलाम को 7 अवार्ड्स। साल 2019 का पहला भोजपुरी फिल्म अवार्ड्स “सबरंग” सफलतापूर्वक संपन्न। पिछले दिनों मलाड, मुंबई के अथर्व कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सबरंग फिल्म अवार्ड्स… Read More
हर फ़िक्र को धुएं में उड़ाकर, ज़िंदगी के साथ रोमांस करने वाले हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देव आनंद जी का आज जन्म दिवस (26 सितंबर, 1923 – 3 दिसम्बर 2011) है। इनका पूरा नाम धर्मदेव आनंद था। देव साहब… Read More
“संस्काराद् द्विज उच्च्यते।” संस्कारों से मनुष्य का निर्माण होता है और अच्छे संस्कार मनुष्य को मनुष्यता सिखाते हैं। समयांतराल पर ये संस्कार मनुष्य समाज, साहित्य और सिनेमा से ग्रहण करता है। हर युग के अपने संस्कार होते हैं। किंतु कुछ… Read More
15 मई 1967 को मुंबई में जन्मी सबके दिलों की धड़कन धक धक गर्ल और देवदास की चंद्रमुखी यानी माधुरी दीक्षित एक सफ़ल भारतीय सिनेमा अभिनेत्रियों में से एक है। हिंदी सिनेमा के 80, 90 के दशक तक एक मुख्य… Read More
14 सितंबर, 1949 को भारतीय संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी भाषा को अखण्ड भारत की प्रशासनिक भाषा के ओहदे से नवाजा था। यही वजह है कि 1953 से प्रति वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के… Read More
एक बेहतर अभिनेता वह है जो अपने रचे हुए क्राफ्ट को बार बार तोड़ता है, उसमें नित नए प्रयोग करता है और अपने दर्शकों, आलोचकों, समीक्षकों को चौंकाता है। बीते सालों में पंकज त्रिपाठी ने लगातार इस तरह के प्रयोग… Read More
हाँ सही सुना कैप्टेन जैक स्पैरो, जो कंकाल रूपी एक शरीर है। दरअसल मैं अभिशप्त आत्मा हूँ, मृत जीव या कहे एक मसखरा जो उलझे क्षणों में अपनी उपस्थिति से हास्य पैदा कर देता है। मैं इंसान नही हूँ बल्कि… Read More