सूचना : नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया द्वारा विश्व हिंदी दिवस पर आमंत्रण

आप सभी सम्माननीय हिन्दी प्रेमी, कवि साहित्यकार बन्धुओं, नगर के प्रबुद्ध जन, सभा के शुभ चिंतक सम्मानित सदस्य गण से विनम्र अनुरोध है कि दिनांक 10-01-2022 सोमवार को 2 बजे अपराह्न नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया के तुलसी सभागार में प्रति… Read More

dr rajendra prasad

कविता : डॉ. राजेंद्र प्रसाद

जीरादेई सीवान बिहार में तीन दिसंबर अठारह सौ चौरासी में, जन्मा था एक लाल। दुनिया में चमका नाम उसका, थे वो बाबू राजेंद्र प्रसाद।। तीन बार कांग्रेस अध्यक्ष बन, संविधान सभा के अध्यक्ष रहे। राष्ट्रपति बन राजेंद्र बाबू जी, जन… Read More

zindgi abhi aur bhi hai

लेख : ज़िदगी अभी और भी है…

तमाम संघर्षों के बीच भी ज़िदगी होती है। जब हम निराश, हताश और संघर्षों से टूटने लगते हैं तब कभी कभी लगता है कि जीवन बस हमारा इतना ही था। जीवन की शेष संभावनाएं स्वतः खारिज हो जाती है। ऐसे… Read More

suraj

गोलेन्द्र पटेल की कविताएँ

1. किसान है क्रोध ••••••••••••••••• निंदा की नज़र तेज है इच्छा के विरुद्ध भिनभिना रही हैं बाज़ार की मक्खियाँ अभिमान की आवाज़ है एक दिन स्पर्द्धा के साथ चरित्र चखती है इमली और इमरती का स्वाद द्वेष के दुकान पर… Read More

chhath parv

कविता : छठ पर्व

छठ तिथि शुक्ल पक्ष कार्तिक में, मनाया जाता ये अनुपम छठपर्व। सूर्यदेव की उपासना का पर्व यह, सौर मंडल के सूर्यदेव का है पर्व।। सूर्योपासना है सर्वश्रेष्ठ पर्व की, सूर्योपासना की थी अत्रि पत्नी ने। और श्रेष्ठतम इस व्रत को… Read More

suraj

कविता : जिद ने हमको सूरज बनाया है

जमाना कब रहा किसका जमाना रहेगा किसका जमानेके इशारे से जो अपना हर कदम बढ़ाओगे मानो बात या न मानो मगर तुम फिसल जाओगे जमाना कब रहा किसका जमाना रहेगा किसका तुम्हारी रफ्तार से पीछे रहता है तो ये खीझता… Read More

neelkanth

कविता : विजयदशमी और नीलकंठ

हमारे बाबा महाबीर प्रसाद हमें अपने साथ ले जाकर विजय दशमी पर हमें बताया करते थे नीलकंठ पक्षी के दर्शन भी कराते थे, समुद्र मंथन से निकले विष का पान भोले शंकर ने किया था इसीलिए कंठ उनका नीला पड़… Read More

ram aur ravan

कविता : राम और रावण

रावण न होते तो राम भी कहाँ होते राजकुमार राम तो होते लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम नहीं होते ! धर्म की विजय नहीं होती चक्रवर्ती सम्राट भले होते रावण राम की पहचान हुए मर्यादा की तरफ प्रस्थान हुए माता सीता… Read More

maan ki aaradhana

कविता : माँ की आराधना

करे जो सच्चे मन से माँ की आराधना। मिले उसे ही दर्शन माता रानी का। इसलिए तो भक्त जन करते है माँ की उपासना। और पा जाते है अपने जीवन में सब कुछ।। जो माँ को दिल से याद करते… Read More