दिखाये आँखें वो हमें जब मनका काम न हो उसका। तब बहाना ढूँढती रही हमें शर्मीदा करने का। यदि इस दौरान कुछ उससे पूछ लिया तुमने। तो समझ लो तुम्हारी अब खैर नहीं है।। अलग अलग तरह के रूप देखने… Read More
दिखाये आँखें वो हमें जब मनका काम न हो उसका। तब बहाना ढूँढती रही हमें शर्मीदा करने का। यदि इस दौरान कुछ उससे पूछ लिया तुमने। तो समझ लो तुम्हारी अब खैर नहीं है।। अलग अलग तरह के रूप देखने… Read More
सूरज की किरणें प्रकाश देती है। जीवो को जीने की ऊर्जा देती है। भूमि की नमी को दूर करती है। और फसलों को पकाती है।। दिन रात का अंतर हम लोग। सूर्य के प्रकाश से लगाते है। अंधरो में रोशनी… Read More
चूमती है सफलता उस समय कदम। जब लक्ष्य हो अपना नेकी पर चलने का। है अगर निस्वार्थ भाव यदि स्वयं के अंदर। तो मिलेगा फल निश्चित अपने नेक कर्मो का।। देखकर बहुत जलते रहते है तुम से। पर तुम्हारे त्याग… Read More
रीति रिवाजो को अपनाना जरूरी है। सम्मान देना पाना भी जरूरी है। जो आपके संस्कारों को दर्शते है। और समाज में प्रतिष्ठा दिलाते है।। देखा देखी में खुदको मत झोंको। पहले स्वयं की चादर को देखो। फिर जिंदगी में आगे… Read More
तन पर कपड़ा है पर मन में मैल। तो कैसे आयेगी शांति आपके मन के अंदर। करो आत्म मंथन स्वंय का तब खुदको पहचान पाओगें। और अपने मानव रूप को निश्चित ही समझ जाओंगे।। संगत और विचारो का बहुत महत्व… Read More
दिलमें प्यास हो मिलने की तो वो अक्सर मिल जाते है। जमाने में इसी तरह से अपने दोस्त बनाते है। वो हमें याद करते है हम उन्हें भूल जाते है। मगर मिले की तमन्ना। सदा ही दिलमें रखते है।। मेरे… Read More
नदी किनारे बैठकर देख रहा था पानी को। कैसे भागे जा रहा है ऊपर नीचे टेढ़े मेड़े रास्ते पर। न कोई उसका लक्ष्य है और न ही उसकी योजना। फिर भी भागे जा रहा वो पानी आगे आगे को।। कितने… Read More
कलम और तीर देते है लोगों को घाव सदा। कमल का उपयोग करते है कवि और लेखक गण। तीर का करते है उपयोग रणभूमि में योध्दागण। कामयाबी सदा मिलती है इनके उपयोग करने पर।। कवि लेखक की लेखनी से बदलते… Read More
इस राखी पर भैया मुझे, बस यही तोहफा देना तुम। रखोगे ख्याल माँ-बाप का, बस यही एक वचन देना तुम , बेटी हूँ मैं शायद ससुराल से रोज़ न आ पाऊंगी। जब भी पीहर आऊंगी, इक मेहमान बनकर आऊंगी। पर… Read More
सारे जग में सबसे सच्चा। होता भाई बहिन का प्यार। संजय भैया का है कहना। राखी बांधो प्यारी बहना../ सावन की मस्ती ली फुहार। मधुरिम संगीत सुनती है। मेघों की ढोल ताप पर। वसुंधरा बहुत मुस्काती है…। आया सावन का… Read More