तेरी यादों को अभी तक, दिल से लगाये बैठा हूँ। की तुम लौटकर आओगे। मेरे लिए नहीं सही तो, परायें के लिए ही सही। तभी आप की धरोहर, आप को सौप देंगे। और इस मतलबी दुनियाँ से, कुछ कहे बिना… Read More
तेरी यादों को अभी तक, दिल से लगाये बैठा हूँ। की तुम लौटकर आओगे। मेरे लिए नहीं सही तो, परायें के लिए ही सही। तभी आप की धरोहर, आप को सौप देंगे। और इस मतलबी दुनियाँ से, कुछ कहे बिना… Read More
मैं तो हूं केवल अक्षर तुम चाहो शब्दकोश बना दो लगता वीराना मुझको अब तो ये सारा शहर याद तू आये मुझको हर दिन आठों पहर जब चाहे छू ले साहिल वो लहर सरफ़रोश बना दो अगर दे साथ तू… Read More
ला दो मुझे भी वो पंख उड़ने के लिए, पंख पसारकर हर ऊँचाई। पंखों के बिन उड़ना कैसा? उम्मीद के बिन ठहरना कैसा? उम्मीद की कली है खिलने दो न मुझमें, पंख पसारकर उड़ने दो न मुझे! आएगा एक दिन… Read More
चलती हूँ कुछ दूर, पाँव रुक जाते है। मंजिल पर पहुँचने से पहले, हालात बिगड़ जाते है। बहुतों को देखा है, लिखते अपनी कहानी। हम जब लिखते है, हमारे हाथ रुक जाते है। बैठें थे जब लिखनें वो ऊपरवाले, क़िस्मत… Read More
भारत में पूर्ण सत्य कोई नहीं लिखता अगर कभी किसी ने लिख दिया तो कहीं भी उसका प्रकाशन नहीं दिखता यदि पूर्ण सत्य को प्रकाशित करने की हो गई किसी की हिम्मत तो लोगों से बर्दाश्त नहीं होता और फिर… Read More
लगाकर आग दिल में वो, अक्सर भाग जाते है। कह कर अपनी बात, अक्सर भाग जाते है। बिना जवाब के भी, क्या वो समझ जाते है। तभी तो बार बार आकर, मुझसे कुछ कहते है।। उन्हें प्यार हो गया है।… Read More
मिले हम अपनी कविता, गीतों के माध्यम से तुम्हें। परन्तु ये तो कुछ, और ही हो गया। पढ़ते पढ़ते मेरी गीतों के, तुम प्रशंसक बन गये। और दिल ही दिल में, हमें चाहाने लगे। और अपने से, हमें लुभाने लगे।।… Read More
मेरी मोहब्बत ने मुझे, लिखना सीखा दिया। लोगो के मन को, पढ़ना सीखा दिया। बहुत कम होंगे जो मुझे, पढ़ने की कोशिस करते होंगे। वरना जमाने वालो ने तो, मरने को छोड़ दिया था। न धोका हमने खाया है, न… Read More
है मुझे स्मरण… जाने जाना जानेमन ! वो पल वो क्षण हमारे नयनों का मिलन जब था मूक मेरा जीवन तब हुआ था तेरा आगमन कलियों में हुआ प्रस्फुटन भंवरों ने किया गुंजन है मुझे स्मरण… जाने जाना जानेमन !… Read More
घड़ी की सुई, टिक-टिक-टिक। हृदय की गति, धक-धक। वक़्त की चाल, है रफ़्तार। पानी की बूंदें, टप-टप-टप। साँसों का चलना, अंदर-बाहर, ऊपर-नीचे। कुछ कारवां आगे, कुछ लम्हें पीछे। पलकें झपके, ऊपर-नीचे। सब चंचल गतिमान, वजनी द्रव्यमान। हर जगह शोर, स्पष्ट… Read More