तेरे मेरे रिश्ते के किस्से बहुत माशूर है। हर दिल जुबान से लोग सुनाते रहते है। जिससे वीरान पड़े बाग आबाद होने लगे है। चारो तरफ खुशयाली अब देखो छा ने लगी है।। मोहब्बत करने का अब नजरिया भी बदलने… Read More
तेरे मेरे रिश्ते के किस्से बहुत माशूर है। हर दिल जुबान से लोग सुनाते रहते है। जिससे वीरान पड़े बाग आबाद होने लगे है। चारो तरफ खुशयाली अब देखो छा ने लगी है।। मोहब्बत करने का अब नजरिया भी बदलने… Read More
सुनता हूँ आज मैं मानव जीवन की सच्चाई। न जीवन में हुआ कभी गमो का अंत। न खुशियों में आई कभी भी कोई कमी। गुजरा है मेरा जीवन खुशियों और गमों से।। इसी तरह से जीवन बना रहा संघर्षमय। हकीकत… Read More
दुनिया को खुश रखते-रखते ख़ुद ही गम में डूब गया हूँ स्वार्थ भरी दुनियादारी से मैं अब मन से ऊब गया हूँ इतना भी आसान नहीं है हँसना और हँसाते रहना भीतर-भीतर टूटते रहना बाहर से मुस्काते रहना घर-परिवार-समाज है… Read More
न दिल मेरा लगता है न मन मेरा लगता है। हुआ है जब से इश्क सब बेकार लगता है। इसलिए तो इश्क एक बहुत बड़ा रोग होता है। जिसे लग जाये वो सदा बीमार रहता है।। जमाने में हमने बहुत… Read More
हम जिन्हें चाहते है वो अक्सर हमसे दूर होते है। जिंदगी याद करें उन्हें जब वो हकीकत में करीब होते है।। मोहब्बत कितनी रंगीन है अपनी आँखो से देखिये। मोहब्बत कितनी संगीन है खुद साथ रहकर के देखिये।। है कोई… Read More
बहुत पावन और पवित्र दिन आज कल चल रहे है। कही श्रीगणेशजी का जयकारा तो कही पर्यूषण महापर्व राज। चारों तरफ का वातावरण है बहुत ही भक्तिमय। जो देखते ही ह्रदय में धर्म ज्योत को जला रहा है।। तेरे द्वार… Read More
जन्मदिन शुभ हो तुमको आज । खुशियां सजी रहे दिन रात । साथी स्वजन सब मिल गाएं । सदियों दीप ‘ अजस्र ‘ जलाएं । देते भर-भर आशीर्वाद । जन्म दिन शुभ हो तुमको आज । खुशियां सजी रहे दिन… Read More
तेरे मेरे दिलके रिश्ते सच में बहुत गैहरे है। इसलिए हर धड़कन में तुम जो बसते हो। देख न ले जब तक तेरी सूरत को हम। तब तक दिन अधूरा अधूरा सा लगता है।। मिले हो जिस तरह से तुम… Read More
कौन जो आवाज़ देता, बादलों की ओट से । भय से मन थर-थर हुआ है, बिजलियों की चोट से । बूंदों की लड़ियां , ये जैसे, विष में बुझे बाण हैं । छिल रहा यह मन तो मेरा, जो कब… Read More
मोहब्बत को समझा होता तो। आज तुम्हारा ये हाल न होता। दिलकी धड़कनों को सुना होता। तो तुम्हारा ये हाल न होता। चाहकर भी तुम क्यों मौन रहे। पहले बोला होता तो ये न होता। गमों में डूबने का तुम्हें… Read More