समीक्षा : स्वप्नपाश

सेक्सुअल भरम (bhrm) के अतिरेक और रक्तसनी छातियों वाली गुलनाज फरीबा की कहानी -स्वप्नपाश कल पूरे एक दिन में मनीषा कुलश्रेष्ठ का उपन्यास स्वप्नपाश पढ़ा। मैं मनीषा  मैम से 2 कारणों से प्रभावित हूँ, एक उनके प्रकृति प्रेम और दूसरा… Read More

कविता : इंतजार है

तुझे देखने का हर रोज़,   हम इंतजार करते हैं। दिल से हम तुम्हें बहुत, प्यार करते है। कल का दिन तुझे देखे, बिना निकल गया। अब आज हमे  तेरा, बहुत इंतजार है ।। आंखों से तीर छोड़ने की, जो तेरी… Read More

वंदना : माँ सरस्वती

माँ शारद को शत बार नमन, तव चरणों में मम ध्यान रहे। हो नित आराधन माता का तब अर्जित सुंदर ज्ञान रहे ।। हो शुभ्र-सोच हम सब की माँ, जैसे हैं पावन वसन तेरे। मन भी कोमल हम सबका हो,… Read More

सरस्वती वंदना

हम मानुष जड़मति  तू मां हमारी भारती  आशीष से अपने प्रज्ञा संतति का संवारती तिमिर अज्ञान का दूर  करो मां वागीश्वरी  आत्मा संगीत की निहित तुझमें रागेश्वरी वाणी तू ही तू ही चक्षु  मां वीणा-पुस्तक-धारिणी  तू ही चित्त बुद्धि तू… Read More

गीत : तिरंगे की शान

सुनो मेरे देशवासियों, मनाने जा रहे,  71व गणतंत्र दिवस, कुछ संकल्प ले लो। नहीं करेंगे कोई भेद, हम जाती और धर्म पर। समान भाव सबके प्रति, हम सब मिलकर रखेंगे। तभी हमारा ये देश, दिखेगा विश्व में विशेष।। हमें इस… Read More

कविता : आज फिर याद आए

मेरे दिल मे बसे हो तुम, तो में कैसे तुम्हें भूले। उदासी के दिनों की तुम, मेरी हम दर्द थी तुम। इसलिए तो तुम मुझे, बहुत याद आते हो। मगर अब तुम मुझे, शायद भूल गए थे।। आज फिर से… Read More

ग़ज़ल : तक़दीर में केवल

तक़दीर में केवल ख़ुशियाँ कब आती हैं  सच्चे प्यार में परेशानियां सब आती हैं  छुपा ना रहे जब राज़ कोई दरमियां मोहब्बत में गहराइयां तब आती हैं सोचा भूल गया तुझसे बिछड़ के लेकिन तेरे संग गुजारी शामें याद अब… Read More

कविता : प्यार का परिणाम

प्यार को प्यार से देखोगे,   तो प्यार पाओगे। दिल में मुरझाए हुए, फूल भी खिल जाएंगे। जिस को भीड़ में, ढूंढ रहे है तेरी निगाहें। मेरा दावा है कि वो, तुझे मिल जाएगा।। निगाहों का निगाहों से,  जो तुम खेल… Read More

महान विभूति : महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ,जब मैं स्कूल में था।प्रताप को विशेष रूप से जानने-बुझने की जिज्ञासा जागृत हुई।मैं स्तब्ध था क्योंकि अभी तक राष्ट्रनायकों से ज्यादा आक्रमणकारियों के विषय में पढ़ने को मिला था ।बालपन में ही यह… Read More

गीत

हर राम का जटिल जीवन पथ होगा  जब पिता भार्या भक्त दशरथ होगा  करके ज़ुल्म करता है वो इबादत कहो फिर कैसे पूर्ण मनोरथ होगा नींद आयेगी तुझे भी सुकून भरी जब तू भी पसीने से लथपथ होगा कृष्ण का… Read More