अब न गमों से हमें डर लगता है। न खुशी का मुझे कोई एहसास होता है। क्योंकिं मेरा दिल तो अब प्रभु भक्ति में रहता है। इसलिए मैं इन सबसे बहुत ही दूर रहता हूँ।। जब वो ही मेरे साथ… Read More
अब न गमों से हमें डर लगता है। न खुशी का मुझे कोई एहसास होता है। क्योंकिं मेरा दिल तो अब प्रभु भक्ति में रहता है। इसलिए मैं इन सबसे बहुत ही दूर रहता हूँ।। जब वो ही मेरे साथ… Read More
भटकर एक राही मेरे शहर आ पहुँचा। लगा मुझको कुछ ऐसा की खाई है बहुत ठोकर। और जमाने वाले ने भी इसे बहुत छला है। तभी तो छोड़कर घरद्वार हमारे शहर में आ गई।। सफलता और असफलता की कहानी स्वयं… Read More
जगह तुम दे न सकते अपने छोटे से दिल में। और बातें करते हो तुम सदा ही बड़ी बड़ी। जबकि तेरी करनी कहने में बहुत ज्यादा ही अंतर है। इसलिए मैं कहता हूँ पहले खुदको तुम बदलो।। जमीन और आसमान… Read More
जब कोई अपना मिल जाता है तो सच में दिल खिल जाता है। जैसे पानी में खिला हुए कमल तालाब को शोभीत कर रहा। देखने वालो के दिल भी उन्हें देखकर खिल उठे है। और मोहब्बत के दीपक दिलमें अब… Read More
तिनका तिनका छोड़कर हमने बनाया आशियाना। गूंजे की चिलकारिया एक दिन बच्चों की। घर आवाद हो जायेगा जब ये सच होगा। तब तक तो है प्रार्थना यही प्रभुजी से।। ताक लगाए बैठे रहते यहां वहां काले कौऊआ। कैसे मैं घूस… Read More
नारी और श्रृंगार देखकर मानव का दिल डोले। सुंदर से बदन पर जब वो पहनी हो ये चीजें। फिर हँसते हुये चेहरे से मानो झड़ रहे हो फूल। इसलिए सब कहते है नारी तू है बहुत अनमोल। माथे पर बिंदी… Read More
देखो बादल छा रहे बरसने के लिए। बादल गरजने लगे सतर्क करने ले लिए। मेघ मल्हार गाने लगे अब वर्षा के लिए। भूमि बहुत प्यासी है पानी के लिए।। आस लगाये पानी की बैठे नदी और तलाब। कब होगी अब… Read More
बैठे बैठे बाग में देखा कुछ ऐसा। जैसे सूरज की किरणे धीरे धीरे फैलती है। वैसे ही फूल भी धीरे धीरे खिल उठते। प्रकृति का ये नियम बड़ा रामणी होता है।। फूलो की सुंदरता महक से खिल उठा सारा गुल्स्थान।… Read More
दिन रात उजालों में रहने वाले क्या जानेगें अंधेरा क्या होता है। बस खनती पयाल की झंकार और गीतों की पुकार जानते है। चंद पैसों की खातिर ही सही ये कलाकार खुशियां बेचते है। जो अमीरजादो की शाम को हर… Read More
अचानक फेसबुक पर मुझे टैग की गयी पोस्ट्स पर मेरी नजर पड़ी तो हैरान रह गया। सयानी नाम के एक काव्य संकलन की चर्चा महाकवि की वाल पर थी । साहित्य में एक नेपो किड का आगमन हो चुका था… Read More