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कविता : रुबारु मिला दिया

भटकर एक राही मेरे शहर आ पहुँचा। लगा मुझको कुछ ऐसा की खाई है बहुत ठोकर। और जमाने वाले ने भी इसे बहुत छला है। तभी तो छोड़कर घरद्वार हमारे शहर में आ गई।। सफलता और असफलता की कहानी स्वयं… Read More

kathputali

कविता : कठ पुतली

जगह तुम दे न सकते अपने छोटे से दिल में। और बातें करते हो तुम सदा ही बड़ी बड़ी। जबकि तेरी करनी कहने में बहुत ज्यादा ही अंतर है। इसलिए मैं कहता हूँ पहले खुदको तुम बदलो।। जमीन और आसमान… Read More

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कविता : रोग लग रहा है

जब कोई अपना मिल जाता है तो सच में दिल खिल जाता है। जैसे पानी में खिला हुए कमल तालाब को शोभीत कर रहा। देखने वालो के दिल भी उन्हें देखकर खिल उठे है। और मोहब्बत के दीपक दिलमें अब… Read More

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कविता : पुराना इतिहास

तिनका तिनका छोड़कर हमने बनाया आशियाना। गूंजे की चिलकारिया एक दिन बच्चों की। घर आवाद हो जायेगा जब ये सच होगा। तब तक तो है प्रार्थना यही प्रभुजी से।। ताक लगाए बैठे रहते यहां वहां काले कौऊआ। कैसे मैं घूस… Read More

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कविता : नारी और श्रृंगार

नारी और श्रृंगार देखकर मानव का दिल डोले। सुंदर से बदन पर जब वो पहनी हो ये चीजें। फिर हँसते हुये चेहरे से मानो झड़ रहे हो फूल। इसलिए सब कहते है नारी तू है बहुत अनमोल। माथे पर बिंदी… Read More

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कविता : बादल छा गये

देखो बादल छा रहे बरसने के लिए। बादल गरजने लगे सतर्क करने ले लिए। मेघ मल्हार गाने लगे अब वर्षा के लिए। भूमि बहुत प्यासी है पानी के लिए।। आस लगाये पानी की बैठे नदी और तलाब। कब होगी अब… Read More

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कविता : बाग और फूल

बैठे बैठे बाग में देखा कुछ ऐसा। जैसे सूरज की किरणे धीरे धीरे फैलती है। वैसे ही फूल भी धीरे धीरे खिल उठते। प्रकृति का ये नियम बड़ा रामणी होता है।। फूलो की सुंदरता महक से खिल उठा सारा गुल्स्थान।… Read More

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कविता : कला बिक रही है

दिन रात उजालों में रहने वाले क्या जानेगें अंधेरा क्या होता है। बस खनती पयाल की झंकार और गीतों की पुकार जानते है। चंद पैसों की खातिर ही सही ये कलाकार खुशियां बेचते है। जो अमीरजादो की शाम को हर… Read More

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कहानी : नेपोकिडनी

अचानक फेसबुक पर मुझे टैग की गयी पोस्ट्स पर मेरी नजर पड़ी तो हैरान रह गया। सयानी नाम के एक काव्य संकलन की चर्चा महाकवि की वाल पर थी । साहित्य में एक नेपो किड का आगमन हो चुका था… Read More

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कहानी : रिश्ते का सूत्र

पिछले दिनों मेरा सबसे प्यारा दोस्त कनक मुझसे मिलने आया। उसके चेहरे की उदासी देख मैं समझ गया कि कनक कुछ परेशान सा है। मैंने पूछा भी, तो टाल गया। मगर मैं भी कहां छोड़ने वाला। वैसे भी वो मुझसे… Read More