मोम की तरह पूरी रात दिल रोशनी से पिघलता रहा। पर वो इस हसीन रात को नहीं आये मेरे दिल में। मैं जलती रही और नीचे फिरसे जमती रही। फिरसे उनके लिए जलने और उनके दिलमें जमाने के लिए।। हर… Read More
मोम की तरह पूरी रात दिल रोशनी से पिघलता रहा। पर वो इस हसीन रात को नहीं आये मेरे दिल में। मैं जलती रही और नीचे फिरसे जमती रही। फिरसे उनके लिए जलने और उनके दिलमें जमाने के लिए।। हर… Read More
बचपन खोकर आई जवानी साथ में लाई रंग अनेक। दिलको दिलसे मिलाने को देखो आ गई अब ये जवानी। अंग अंग अब मेरा फाड़कता आता जब सावन का महीना। नये नये जोड़ो को देखकर मेरा भी दिल खिल उठता।। अंदर… Read More
कुछ खोता हूँ कुछ पाने को कुछ खाता हूँ जीने को। पर क्यों नहीं बच पाता हे मानव तू अपने कर्मो से। दान दया धर्म आदि भी तू आज कल बहुत कर रहा। पर वर्षो से जो कर रहा था… Read More
जो डरता है स्वयं से उसे सफलता मिलती है। और समझ पता है वो इस कलयुगी संसार को। डराने धमकाने वाले तो बहुत है घर बहार में। पर जो स्वयं से डरता है वो औरों से क्या डरेगा। तभी तो… Read More
सफर में हम निकले है बहुत दिनों के बाद। छुट गई है अब आदत लोकल में चलने की। पहले ही जिंदगी की आधी उम्र निकल दिये है। मुंबई की लोकल ट्रेन में हम चल चल कर।। कैसे किया जिंदगी को… Read More
बहुत बेचैन रहकर के जीआ हूँ अब तक मैं। तन्हाईयों ने भी मेरा दिया है साथ इसमें। तभी तो अव्यवस्थित बना रहा मेरा जीवन। किसे मैं दोष दू इसका नहीं कर सका फैसला।। बहुत मायूस जब होता हूँ तो चला… Read More
सिखाया जिसने जीना मुझको वही छोड़कर चली गई। जलाये जिसने अंधेरो में दीपक वो न जाने कहाँ खो गई। सिखाया जिसने लिखना पढ़ना पता नहीं वो क्यों रूठ गई। सच कहे की हमारा आधार अब जिंदगी का नहीं बचा।। हमें… Read More
ललायत रहत है अँखियां तुम्हें रोज देखन को। जो दिख जाएँ तुमरो सुंदर चेहरा सुबेहरे मुझेखो। तो दिन मोरो निकलत है बहोतई नो नो नो सो। तबाई तो व्याकुल रहात है मोरी अँखियाँ रोजाई।। बहोताई मैं सोचत हो अब तुमरे… Read More
चलो सैर पर चले जिंदगी संवर जायेगी। रातों के ख्यालों में खो जाये दिलमें कमल खिल जायेंगे। जो ख्यालों में हमारे रोज आती जाती है। और अपने नये नये रूप हमें दिखती है। सच कहे अगर तुमसे तो हमें भी… Read More
हल्की हल्की बारिस में मज़ा बहुत आता है। जैसे जैसे गिरती है बदन पर पानी की बूंदे। अजब सी गुद गुदी मेहसूस होने लगती है। और कमल से फूल खिल उठते है अंदर ही अंदर।। मुझे ज्यादा पसंद है चांदनी… Read More