तीन मुक्तक : फतह-ए-जिंदगी

सच्चाई के वास्ते तो हम ख़ुदा से ले लेंगे रार तक कभी भी नहीं रूकेंगें जीवन में मौत से हार तक जब तक रहेगा अपने मन में एक अटल विश्वास तब तक उठेंगी हिलोरें धरा से गगन के पार तक … Continue reading तीन मुक्तक : फतह-ए-जिंदगी