कविता : एक दीप जलाएँ, उनके नाम

लड़ियाँ दीपों की, जले चारों ओर, आज हुई जगमग, रोशन दिवाली। चहुँओर चेहरों पर जलते दीपों सी जगमग, चहुँओर ओर देखो खुशचेहरों की खुशहाली। मांवस रात भी , लगे पूनम चमकती काली है फिर भी, लगे भरपूर उजियाली। पर जिनसे … Continue reading कविता : एक दीप जलाएँ, उनके नाम