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चौथा अंक : 22-28 नवंबर 2021

साहित्य सिनेमा सेतु
(साहित्य, शिक्षा, सिनेमा, समाज, कला एवं संस्कृति को समर्पित साप्ताहिक ई-पत्रिका)

संपादक सदस्य

परामर्शदाता
डॉ. पुनीत विसारिया
संपादक
आशुतोष श्रीवास्तव
उप संपादक
अंकिता श्रीवास्तव
सह संपादक
रितु गुप्ता, अनुज गौतम
संपादक मंडल
साधना अग्निहोत्री, अश्वनी गुप्ता,
रोहित श्रीवास्तव
तकनीक विशेषज्ञ
अरुण यादव
विधि विशेषज्ञ
बृजेश तिवारी, आदित्य कुमार
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संपर्क : निकट कन्हैया नगर मेट्रो, दिल्ली-34
ईमेल : sahityacinemasetu@gmail.com
वेबसाइट : www.sahityacinemasetu.com
मो. 9899860999 (वाट्सएप)
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स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक और संपादक ‘आशुतोष श्रीवास्तव’ द्वारा निकट परशुराम चौक, सी.सी.रोड देवरिया (उ.प्र.), पिन- 274001 से प्रकाशित। वेबपोर्टल एवं ई-पत्रिका में प्रकाशित लेखों/रचनाओं में व्यक्त विचार लेखकों के हैं। इससे संपादकीय विचारों का सहमत होना आवश्यक नहीं है। वेबपोर्टल एवं ई-पत्रिका पूर्णरूप से अव्यवसायिक है और इसके सभी पद अवैतनिक हैं। साथ ही पत्रिका की सदस्यता पूरी तरह से नि:शुल्क है। पत्रिका का न्यायिक क्षेत्र दिल्ली है। लेख/रचनाओं से संबंधित चित्र/वीडियो इन्टरनेट/गूगल/यूट्यूब आदि से साभार हैं।

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इस अंक में…

संपादकीय

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संपादकीय

साहित्य सिनेमा सेतु” अपने ई-पत्रिका के चौथे अंक के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित है। जिसमें कविता, गीत, संस्मरण, साक्षात्कार, शोध लेख, और समसामयिक विषय में सिनेमा का लेख ‘हिंदी सिनेमा और साहित्य में संवेदना का संकट’ बेहद प्रासंगिक है। आज के समाज में जिस तरह से संवेदनहीनता की कई घटनाएँ सामने आ रही हैं, उसका प्रभाव हम साहित्य और सिनेमा में भी देख सकते हैं। जिसे लेख के माध्यम से बिंदुवत समझा जा सकता है। वहीं समाज में बेटी को पराई समझे जाने की परंपरा को नए नज़रिये से देखने की आवश्यकता है। इसे गीत ‘मत बेटी नै समझो पराई’ से समझ सकते हैं। फिर हमारे अन्नदाता की वास्तविक स्थिति को गीत ‘किसान’ में पढ़ा जा सकता है और आयदिन बिगड़ती दिल्ली की मौसम और बढ़ते प्रदूषण पर कविता ‘प्रकृति’ बेहद सार्थक है। वहीं शोध लेख के रूप में नारी अस्मिता को चित्रित करता उपन्यास ‘अस्तित्व’ की विवेचना है। इसके साथ प्रख्यात नाटककार ‘हबीब तनवीर’ पर साक्षात्कार भी है। आशा है पिछले अंको की तरह इस अंक को भी आपका प्यार मिलेगा। आप हमसे जुड़कर हमारे इस पहल को सफल बनाने में हमारा मनोबल अवश्य बढ़ायेंगे। आपसे अपेक्षित सहयोग की आशा में…

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• गीत : मत बेटी नै समझो पराई

गीत : मत बेटी नै समझो पराई


• गीत : किसान

गीत : किसान


• हिंदी सिनेमा और साहित्य में संवेदना का संकट

हिंदी सिनेमा और साहित्य में संवेदना का संकट


• कविता : प्रकृति

कविता : प्रकृति


• संस्मरण : अरे बाप रे!

संस्मरण : अरे बाप रे!


• साक्षात्कार : हबीब तनवीर पर विशेष

साक्षात्कार : हबीब तनवीर पर विशेष


• शोध लेख : ‘अस्तित्व’ उपन्यास में चित्रित नारी अस्मिता

शोध लेख : ‘अस्तित्व’ उपन्यास में चित्रित नारी अस्मिता

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