लेख : भोजपुरी समाज की संस्कृति छठ पर्व

ऊजे केरवा जे फरेला घवद से ओह पर सुगा मेडराय ओह पर सूगा मेड राय उजे खपरी जरईबे आदित के सूगा दिहले जुठिआई उजे मरबो रे सुगवा धनुष से सुगा गिरे मुरछाई….! इस गीत की महक से शुरू हुआ यह … Continue reading लेख : भोजपुरी समाज की संस्कृति छठ पर्व